UP वरासत अभियान 2021″अप्लाई ऑनलाइन”UP Varasat Abhiyan apply online

UP Varasat Abhiyan apply online”यूपी वरसात अभियान 2021″उत्तर प्रदेश वरासत अभियान 2021″यूपी विराट योजना”Uttaradhikar Virasat Portal

आज हम आपके लिए UP वरासत अभियान 2021 जानकारी लेकर आए हैं|यूपी में योगी सरकार गांव में जमीनों से जुड़े अभिलेखों को लिखित रूप से दर्ज कराने के लिये 15 दिसंबर से विशेष अभियान शुरू किया है. इसके तहत जमीन से जुड़े विवाद और उत्तराधिकार जैसे मामलों पर लगाम कसी जाएगी|यह उत्तर प्रदेश वरासत अभियान लागू ऑनलाइन प्रक्रिया वर्तमान में भूमि / संपत्ति रिकॉर्ड के अद्यतन के लिए चल रही है। यह यूपी विराट योजना प्राकृतिक उत्तराधिकार अभियान के एक भाग के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी मुद्दों को समाप्त करेगी। 

इसके अलावा, राजस्व विभाग के उत्तराधिकारी अभियान में भू-माफियाओं पर भी अंकुश लगाया जाएगा जो आम तौर पर ग्रामीण इलाकों में विवादित भूमि को निशाना बनाते हैं। अब हम आपको UP Varasat Abhiyan Apply Online प्रक्रिया के बारे में बताने जा रहे हैं।उत्तर प्रदेश वरासत अभियान के माध्यम से राज्य के 1,08,000 राजस्व गांवों में वर्षों से लंबित मामले को निपटाने का प्रावधान किया गया है।

UP Varasat Abhiyan

योजना का नाम UP वरासत अभियान
आरम्भ की गई उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा
लाभार्थी राज्य के लोग
प्रक्रिया ऑनलाइन
लाभ भू माफियाओं को अंकुश
श्रेणी उत्तर प्रदेश सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइट vaad.up.nic.in/index2.html

यूपी वरासत अभियान की भूमिका ऑनलाइन अपडेट

उत्तर प्रदेश वरासत अभियान के माध्यम से राज्य के 1,08,000 राजस्व गांवों में वर्षों से लंबित मामले को निपटाने का प्रावधान किया गया है। ग्रामीणों को यह भी लगता है कि Uttar Pradesh UP Varasat Abhiyan, योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा शुरू किया गया था। दिनाँक 15 दिसंबर 2020 को, न केवल भूमि विवाद को समाप्त करने में मदद की जाएगी, बल्कि “लेखपाल” के गैरजिम्मेदार व्यवहार पर भी लगाम लगाएगा।

उत्तर प्रदेश वरासत अभियान 2021  के लाभ

राज्य के हर जिलों में होने वाले तहसील दिवस पर भूमि विवाद से जुड़े मामले सबसे ज्यादा आते हैं। पुलिस के आंकड़ों में भी भूमि विवाद से संबधित मामले बहुत ज्यादा दर्ज होते हैं। 15 दिसंबर से शुरू हुए वरासत अभियान से जहां तहसील कर्मियों की मनमानी पर रोक लगेगी, वहीं भूमि विवादों पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी।

इस अभियान के तहत लोगों को वरासत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह की सुविधाएं दी गई हैं। जिनकी जमीन गांवों में है लेकिन वह कहीं और रह रहे हैं उनके लिए हर तहसील स्तर पर एक काउंटर भी खोला गया है।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने बताया कि इस वरासत अभियान के तहत गांवों में उत्तराधिकार को लेकर होने वाले जमीनों के विवाद को जल्दी खत्म किया जाएगा। इस अभियान के दौरान किए गए विवादों के निस्तारण के बाद शासन के वरिष्ठ अधिकारी इसका सत्यापन भी करेंगे।

यूपी वरसात अभियान 2021 ऑनलाइन आवेदन

राजस्व तहसील अधिकारियों द्वारा राजस्व ग्रामों में खतौनियों को पढ़ने की प्रक्रिया और लेखपाल द्वारा ग्रामवार कार्यक्रम बनाकर सर्वे कर वरासत हेतु प्रार्थनापत्र प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन भरने की कार्रवाई करेंगे।

15 दिसमबर से 30 दिसंबर तक होगी यह कार्रवाई

राजस्व या तहसील अधिकारियों की ओर से राजस्व ग्रामों में खतौनियों को पढ़ने की प्रक्रिया और लेखपाल की ओर से ग्रामवार कार्यक्रम बनाकर सर्वे कर वरासत के लिए प्रार्थनापत्र लेकर उन्हें ऑनलाइन करना।

आवेदकों को स्वयं ऑनलाइन या जनसेवा केंद्र पर राजस्व परिषद के वेबसाइट के लिंक पर भी पंजीकरण करने की सुविधा।

31 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच होगी यह कार्रवाई

लेखपाल द्वारा दर्ज किए गए प्रकरणों या प्राप्त आवेदन पत्रों के संबंध में खुद स्थलीय और अभिलेखीय जांच के बाद विधिक उत्तराधिकारियों के नाम और विवरण के संबंध में अपनी स्पष्ट जांच आख्या पोर्टल पर अंकित करने की प्रक्रिया।

यदि वारिसान में कोई गलत विवरण अंकित है और लेखपाल उससे असहमत है तो उससे कारण का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।

विवाद का स्पष्ट कारण अंकित करते हुए लेखपाल की ओर से आख्या राजस्व निरीक्षक को 5 कार्य दिवस में ऑनलाइन भेजी जाएगी। सहमत होने पर लेखपाल सहमित का बट दबाकर अपनी बिंदुवार आख्या राजस्व निरीक्षक को अग्रसारित करेगा।

16 जनवरी से 31 जनवरी तक होगी यह कार्रवाई

ग्राम राजस्व समिति की खुली बैठक का आयोजन होगा। इस बैठक के लिए डीएम प्रचार-प्रसार करेंगे।

खुली बैठक में आवेदन की ओर से भरे गए और लेखपाल की दी गई जांच आख्या का विवरण सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा। अगर कोई आपत्ति या वसीयत आदि की सूचना मिलती है तो प्राप्त सूचनाओं या आपत्तियों का पूरा विवरण अपनी ऑनलाइन आख्या में अंकित करते हुए यथानियम उत्तराधिकार संबंधि आदेश पारित करेगा।

संबंधित प्रकरण में राजस्व निरीक्षक अपन स्वतः पूर्ण जांच आख्या की प्रविष्टि पोर्टल पर करने के बाद यथानियम आदेश पारित करेगा।

1 फरवरी से 15 फरवरी

यह सुनिश्चित किया जाना कि बिना विवाद उत्तराधिकार का कोई भी प्रकरण दर्ज होने से शेष नहीं है।

डीएम, एडीएम, एसडीएम या दूसरे जनपत स्तरीय अधिकारियों की ओर से निर्विवाद उत्तराधिकार के सभी लंबित प्रकरणों को पूरा कराना सुनिश्चित किया जाएगा।

UP वरासत अभियान 2021″अप्लाई ऑनलाइन

आवेदक खुद ऑनलाइन या जनसेवा केंद्र पर राजस्व परिषद की वेबसाइट के लिंक http://vaad.up.nic.in/ पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश वरासत अभियान में खतौनी में पंजीकृत नाम प्राप्त करें

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किये गए UP Varasat Abhiyan 2021 के साथ, ग्रामीणों का किसी भी स्तर पर शोषण नहीं होगा। लोग अब अपने घर बैठे ही जमीन के रिकॉर्ड (खतौनी) में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। मुख्यम्नत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश देने पर की गई व्यवस्था के अनुसार, लोगों को ‘वारसैट’ के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की सुविधाएं प्रदान की जाएँगी। जिन लोगों के पास गाँव में जमीन है, लेकिन वे किसी दूसरी जगह पर रह रहे हैं, तहसील स्तर पर एक विशेष काउंटर खोला जाएगा, जहाँ वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

उत्तराधिकारियों को सत्यापित करने के लिए लेखपाल ट्रैक स्थिति

ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक उत्तराधिकारियों को सत्यापित करने के लिए स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं, लेखपाल को गांवों का दौरा करना होगा और लेखपाल द्वारा मृत लोगों के उत्तराधिकारियों का सत्यापन किया जायेगा, साथ ही उन्हें ऑनलाइन आवेदन भरने में लेखपाल सहायता करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार लोगों को सामुदायिक सुविधा केंद्र (सीएफसी) से आवेदन करने की सुविधा भी दे रही है। इसके अतिरिक्त, उन नागरिकों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया जा रहा है, जिन्हें आवेदन करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

Up Online Registration

वरासत अभियान के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी

वरासत अभियान के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नबंर 0522-2620477 जारी किया है। इस हेल्पलाइन नंबर पर लोग फोन करके सहायता मांग सकते हैं। उन्हें इस पर पूरी जानकारी भी दी जाएगी। इसके अलावा लोग मुख्यमंत्री के हेल्पलाइन नंबर 1076 पर भी कॉल कर सकते हैं। लोगों की मदद के लिए ईमेल आईडी abhiyanvarasat@gmail.com भी जारी की गई है।

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